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उत्तराखंड

चारधाम यात्रा के बीच बड़ा मामला, हेलिकॉप्टर कंपनियों पर बीकेटीसी का 40 लाख रुपये बकाया..

चारधाम यात्रा के बीच बड़ा मामला, हेलिकॉप्टर कंपनियों पर बीकेटीसी का 40 लाख रुपये बकाया..

 

 

 

उत्तराखंड: बद्रीनाथ धाम में हेलिकॉप्टर सेवा के जरिए पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों से वीआईपी दर्शन सुविधा के लिए लिया जाने वाला शुल्क पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह मंदिर समिति को नहीं मिल पाया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अनुसार वर्ष 2023 से 2025 तक हेलिकॉप्टर कंपनियों पर करीब 40 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। हालांकि, वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टर कंपनियों ने श्रद्धालुओं से प्राप्त देय राशि का भुगतान समय पर कर दिया है। लेकिन पुराने वर्षों की बकाया राशि अब भी जमा नहीं हो सकी है। मंदिर समिति ने कंपनियों से लंबित भुगतान जल्द करने के लिए दोबारा संपर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है।

बद्रीनाथ धाम के लिए देहरादून और केदारनाथ से हेलिकॉप्टर सेवाओं का संचालन किया जाता है। हेलिकॉप्टर से बद्रीनाथ पहुंचने वाले यात्रियों को वीआईपी दर्शन श्रेणी में रखा जाता है। शीघ्र दर्शन की सुविधा के लिए प्रत्येक यात्री से 2,100 रुपये शुल्क लिया जाता है, जो मंदिर समिति की आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।बीकेटीसी के मुताबिक, वर्ष 2026 की यात्रा अवधि में हेलिकॉप्टर से बदरीनाथ पहुंचे श्रद्धालुओं से समिति को करीब 3 करोड़ 53 लाख 70 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है। इस वर्ष का भुगतान हेलिकॉप्टर कंपनियों की ओर से पूरा कर दिया गया है।

तीन साल से लंबित है भुगतान

मंदिर समिति का कहना है कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में हेलिकॉप्टर सेवाओं के माध्यम से आने वाले यात्रियों से लिया गया वीआईपी दर्शन शुल्क पूरी तरह प्राप्त नहीं हुआ। कंपनियों पर करीब 40 लाख रुपये की राशि बकाया है। इस बकाया भुगतान को लेकर बीकेटीसी की ओर से पहले भी संबंधित हेलिकॉप्टर ऑपरेटरों को पत्र भेजे जा चुके हैं। बावजूद इसके अब तक पूरी राशि जमा नहीं हो पाई है।

बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि हेलिकॉप्टर कंपनियों को लंबित भुगतान जमा करने के लिए पहले भी अवगत कराया गया था। अब एक बार फिर कंपनियों को रिमाइंडर भेजकर जल्द से जल्द बकाया राशि का भुगतान करने को कहा जाएगा।उन्होंने कहा कि मंदिर समिति की आय और व्यवस्थाओं से जुड़े सभी वित्तीय मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना प्राथमिकता है। लंबित भुगतान की वसूली के लिए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।चारधाम यात्रा में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलिकॉप्टर सेवा का उपयोग करते हैं। ऐसे में वीआईपी दर्शन शुल्क से होने वाली आय मंदिर की व्यवस्थाओं, यात्रियों की सुविधाओं और अन्य धार्मिक गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

 

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