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उत्तराखंड

उत्तराखंड में हेलीपैड निर्माण समेत विकास कार्यों के लिए 51 करोड़ की स्वीकृति..

उत्तराखंड में हेलीपैड निर्माण समेत विकास कार्यों के लिए 51 करोड़ की स्वीकृति..

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए करीब 51 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीपैड निर्माण, सड़क संपर्क, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण तथा न्यायिक एवं कारागार अवसंरचना से जुड़ी कई योजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचाना, आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करना तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े तंत्र को अधिक प्रभावी बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर है। बेहतर सड़क और हवाई संपर्क से जहां स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, वहीं पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति प्राप्त होगी।

तीन जिलों में बनेंगे नए हेलीपैड

राज्य सरकार ने हवाई संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण हेलीपैड परियोजनाओं को मंजूरी दी है। बागेश्वर जिले के बेड़ा-मझेड़ा (करीमपुर) क्षेत्र में नए हेलीपैड के निर्माण के लिए 8.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं उत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड के सुनकुंडी (जखोल) गांव में हेलीपैड निर्माण के लिए 1.08 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही नैनीताल विधानसभा क्षेत्र के डौन परेवा में प्रस्तावित हेलीपैड तक पहुंचने के लिए लगभग दो किलोमीटर लंबे संपर्क मार्ग के निर्माण और हेलीपैड साइट डेवलपमेंट के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रारंभिक चरण में साइट विकास कार्यों के लिए राशि जारी की गई है ताकि निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू किया जा सके।

देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के यात्री टर्मिनल भवन (पीटीबी) में विद्युतीकरण और सिविल कार्यों को पूरा करने के लिए शेष 50 लाख रुपये की धनराशि जारी करने की भी मंजूरी दी गई है। इससे हेलीपोर्ट की सुविधाओं को और बेहतर बनाया जा सकेगा तथा भविष्य में हवाई सेवाओं के विस्तार में मदद मिलेगी।राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए भी कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। चंपावत जिले में तामली मोटर मार्ग से मुख्य तोक कारी मोटर मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण के लिए 2.64 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसी प्रकार अल्मोड़ा जिले के हवालबाग विकासखंड में लोधिया से चौगू मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों के लिए 3.84 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस सड़क के बेहतर होने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। देहरादून जिले के मसूरी विधानसभा क्षेत्र में सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल तक सड़क को दो लेन से बढ़ाकर 10.50 मीटर चौड़ा किए जाने की परियोजना को भी मंजूरी मिल गई है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए 16.87 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सड़क चौड़ी होने से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है।

आपदा प्रबंधन को मिलेगी मजबूती

पौड़ी जिले के नैनीडांडा क्षेत्र में एसडीआरएफ पोस्ट के निर्माण के लिए भी सरकार ने पहली किश्त जारी कर दी है। इस परियोजना के लिए 1.62 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत की गई है। प्रदेश के आपदा संभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की मौजूदगी बढ़ने से राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी आएगी और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया है। पुलिस मुख्यालय के लिए मशीनरी, उपकरण, तकनीकी संसाधनों और अन्य आवश्यक साज-सज्जा के मद में 25 करोड़ रुपये की प्रस्तावित योजना के तहत फिलहाल 15 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सक्षम और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

टिहरी जिला कारागार में बनेगा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल

न्यायिक व्यवस्था को डिजिटल सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से जिला कारागार टिहरी में अत्याधुनिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 2.14 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जबकि प्रथम किश्त के रूप में 85.72 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस सुविधा के शुरू होने से कैदियों की अदालत में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिक सुरक्षित और सुगम तरीके से हो सकेगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य के पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। बेहतर सड़क और हवाई संपर्क से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जबकि आधुनिक पुलिस व्यवस्था और मजबूत आपदा प्रबंधन तंत्र से आम नागरिकों को अधिक सुरक्षा और सुविधा प्राप्त होगी। साथ ही न्यायिक एवं कारागार अवसंरचना के उन्नयन से प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी। राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं पर जोर दे रही है, जिनसे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। हाल ही में स्वीकृत इन परियोजनाओं को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिनसे उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

 

 

 

 

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