उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान..
5 नए हेली रूटों पर जल्द शुरू होंगी सेवाएं..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में पर्वतीय क्षेत्रों तक तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। नागरिक उड्डयन विभाग प्रदेश में पांच नए हेली रूटों पर नियमित हेलीकॉप्टर सेवाएं शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। प्रस्तावित सभी मार्गों का सर्वेक्षण और चिह्नीकरण पूरा कर लिया गया है, जबकि संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। अब हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद इन सेवाओं के संचालन की तिथि तय की जाएगी। नई हेली सेवाओं का उद्देश्य राज्य के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों को बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराना है। इससे न केवल स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी नई मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन सेवाओं के शुरू होने से पर्वतीय क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
यूकाडा (उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण) की योजना के तहत देहरादून स्थित सहस्रधारा हेलीपोर्ट से टनकपुर, पौड़ी, श्रीनगर (गढ़वाल) और जोशीमठ के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित की जाएंगी। इसके अलावा सीमांत क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के उद्देश्य से पिथौरागढ़ से नाभीढांग तक भी नई हेली सेवा शुरू करने की तैयारी चल रही है। यह मार्ग सामरिक और पर्यटन, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।राज्य में पहले से संचालित हेली सेवाओं को यात्रियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। उत्तराखंड एयर कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत वर्तमान में आठ हेली सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका संचालन एलायंस एयर और थंबी एविएशन के सहयोग से किया जा रहा है। वहीं क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस) के तहत प्रदेश में कुल 30 हेली सेवाएं संचालित हैं। इनमें 24 सेवाएं हेरिटेज एविएशन और छह सेवाएं पवन हंस द्वारा संचालित की जा रही हैं। हेली सेवाओं के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चालू वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में 11,242 यात्रियों ने इन सेवाओं का लाभ उठाया है। सरकार को उम्मीद है कि नए रूट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या में और अधिक वृद्धि होगी तथा हवाई यात्रा राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक प्रभावी परिवहन विकल्प बनकर उभरेगी।
अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित सभी हेली रूटों का तकनीकी सर्वेक्षण और चिह्नीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। साथ ही इन मार्गों पर उड़ान संचालन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त हो चुकी है। अब इच्छुक हेलीकॉप्टर कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और ऑपरेटर का चयन होने के बाद नई सेवाओं के संचालन की आधिकारिक तिथि घोषित की जाएगी। हाल ही में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यूकाडा के मुख्य अधिशासी अधिकारी ने प्रस्तावित हेली सेवाओं और राज्य की हवाई संपर्क विस्तार योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में हेली सेवाओं का विस्तार केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यटन उद्योग, चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों के विकास, निवेश और आपदा राहत व्यवस्था को भी नई गति देगा। आने वाले समय में इन सेवाओं के शुरू होने से राज्य की हवाई कनेक्टिविटी पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी होने की उम्मीद है।