उत्तराखंड

शहीदों की याद में बनेगा सम्मान का प्रतीक..

शहीदों की याद में बनेगा सम्मान का प्रतीक..

उत्तराखंड सरकार ने जारी की वित्तीय स्वीकृति..

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने देश की सुरक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले प्रदेश के चार वीर जवानों को सम्मान देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। पौड़ी और टिहरी जिले में चार शहीदों की स्मृति में शहीद स्मारक और शहीद द्वार बनाए जाएंगे। सरकार की ओर से इनके निर्माण को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी गई है। राज्य सरकार के इस निर्णय के बाद संबंधित शहीदों के पैतृक गांवों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। सरकार का मानना है कि इन स्मारकों के जरिए वीर जवानों की शहादत और उनकी गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्थानीय युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा मिलेगी।

इन स्थानों पर बनेंगे शहीद स्मारक और द्वार..

सरकार की स्वीकृति के अनुसार चार अलग-अलग स्थानों पर निर्माण कार्य कराया जाएगा। इनमें टिहरी और पौड़ी जिले के गांव शामिल हैं।

विनोद पाल सिंह- सीआरपीएफ के वीर शहीद विनोद पाल सिंह की स्मृति में टिहरी जिले के बालगंगा क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव कैपर्स बारसार में शहीद स्मारक के साथ शहीद द्वार बनाया जाएगा।

अमित कुमार अग्रवाल- शहीद पैराट्रूपर अमित कुमार अग्रवाल की याद में पौड़ी जिले के कल्जीखाल क्षेत्र के कोला-सिल्डी गांव में शहीद द्वार का निर्माण किया जाएगा।

भरत सिंह- सीआरपीएफ के शहीद नायक भरत सिंह के सम्मान में पौड़ी जिले के रिखणीखाल क्षेत्र स्थित ग्राम बूंगा मल्ला में शहीद स्मारक बनाया जाएगा।

राजेंद्र सिंह- भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के शहीद सहायक उपनिरीक्षक राजेंद्र सिंह की स्मृति में टिहरी जिले के देवप्रयाग क्षेत्र के ग्राम कोटी में शहीद स्मारक का निर्माण होगा।

युवाओं को मिलेगी देशसेवा की प्रेरणा..
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि के रूप में भी जाना जाता है। प्रदेश के हजारों परिवारों का सेना और अर्धसैनिक बलों से सीधा जुड़ाव है। सीमा की सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा तक उत्तराखंड के जवानों ने अपने साहस और समर्पण की मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति में बनाए जा रहे ये स्मारक और द्वार केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वीर जवानों के बलिदान और राष्ट्रभक्ति की पहचान होंगे। इनके माध्यम से स्थानीय लोगों और खासतौर पर युवाओं को शहीदों के जीवन और उनकी देशसेवा के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के हितों के लिए लगातार फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है और उनके परिवारों का सम्मान करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शहीद परिवारों के कल्याण और सम्मान के लिए आगे भी जरूरी कदम उठाती रहेगी। साथ ही वीर जवानों की स्मृतियों को संरक्षित करने और उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयास प्राथमिकता के साथ जारी रहेंगे।

 

 

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