गंगोत्री धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे तीर्थयात्री..
उत्तराखंड: उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का नया रिकॉर्ड बन रहा है। यात्रा के दौरान अब तक 7.87 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगोत्री धाम पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं। गंगोत्री के यात्रा इतिहास में यह पहली बार है जब श्रद्धालुओं का आंकड़ा इस स्तर तक पहुंचा है। खास बात यह है कि यात्रा अभी जारी है, ऐसे में संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। चारधाम यात्रा के 13 सितंबर तक के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष 148 दिनों में 50,43,436 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। इससे पहले भी चारधाम यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है।
गंगोत्री में पिछले वर्षों का रिकॉर्ड पीछे
गंगोत्री धाम में इस साल श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले वर्षों के आंकड़ों को भी पीछे छोड़ दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में 7,81,961, वर्ष 2025 में 7,58,249 और 2023 में 7,12,749 श्रद्धालुओं ने गंगोत्री धाम में दर्शन किए थे। इस बार 7.87 लाख का आंकड़ा पार हो चुका है। यमुनोत्री के बाद अब गंगोत्री धाम में भी रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना चारधाम यात्रा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी इस बार यात्रियों की संख्या नया रिकॉर्ड बनाने की दिशा में बढ़ रही है। बदरीनाथ धाम की यात्रा 23 अप्रैल से शुरू हुई थी और 12 सितंबर तक इसे शुरू हुए 143 दिन पूरे हो चुके थे।
चारधाम यात्रा का पहला चरण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के साथ पूरा हुआ है। अब यात्रा के दूसरे चरण में भी तीर्थयात्रियों की अच्छी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से यात्रा मार्गों और धामों में व्यवस्थाओं को सुचारु रखने पर जोर दिया जा रहा है। यात्रा से जुड़े जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट रखा गया है। प्रशासन का फोकस मौसम और पहाड़ी परिस्थितियों को देखते हुए श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने पर है। चारधाम यात्रा में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के बढ़ते आकर्षण को भी दर्शा रही है। रिकॉर्ड संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने के बीच प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की चुनौती बनी हुई है।