उत्तराखंड में बद्री गाय के संरक्षण की नई पहल, भराड़ीसैंण में शुरू होगी योजना..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में स्थानीय पशुधन की नस्लों के संरक्षण और पशुपालकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार नई पहल करने जा रही है। भराड़ीसैंण में करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से ब्रदी गाय के संरक्षण और नस्ल सुधार से जुड़ी परियोजना शुरू की जाएगी। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान परियोजना को लेकर जानकारी दी। सचिवालय में आयोजित बैठक में पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही किसानों और पशुपालकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मत्स्य पालन को बढ़ावा देने पर जोर
बैठक में राज्य के मत्स्य क्षेत्र को विकसित करने के लिए चल रही योजनाओं पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के साथ ट्राउट प्रोत्साहन योजना को भी प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की बात कही गई। मत्स्य उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में सीधे विपणन तंत्र विकसित करने की योजना है। इसके जरिए मछली उत्पादकों को बिचौलियों की निर्भरता कम करते हुए सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। चमोली जिले के बैरांगना क्षेत्र में मत्स्य पालन को ग्रामीण पर्यटन से जोड़ने की तैयारी है। प्रस्तावित मॉडल में मछली पकड़ने से जुड़े पर्यटन के साथ स्थानीय जलपान गृह और क्षेत्रीय उत्पादों को भी शामिल किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।
गंगा गाय योजना को बनाया जा रहा किसान अनुकूल
पशुधन विकास के तहत संचालित गंगा गाय योजना में भी बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। सरकार का उद्देश्य योजना को अधिक किसान अनुकूल बनाकर पशुपालकों को इसका अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। बैठक से पहले अपर सचिव संतोष बडोनी ने पशुपालन मंत्री का स्वागत किया। समीक्षा बैठक में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।