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उत्तराखंड

मंदिर में खुदाई के दौरान मिले छह सौ साल पुराने चांदी के सिक्के

पौड़ी जिले के विकासखंड खिर्सू के कठूड़ गांव में मंदिर के प्रवेश द्वार की खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के मिले हैं। 329 सिक्कों को सीलबंद कर पुरातत्व विभाग को सौंप दिया गया है।

पौड़ी : श्रीनगर जिले में पौड़ी के खिर्सू ब्लॉक में मंदिर के निर्माण की खुदाई के दौरान ग्रामीणों को ‘खजाना’ मिला है।
खिर्सू ब्लॉक के कठुड गांव में मंदिर के निर्माण की खुदाई के दौरान ग्रामीणों को प्रांचीन 329 चांदी के सिक्के मिले हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी आशीष कुमार के मुताबिक सिक्के सल्तनत और मुगलकाल के 1300-1600 ईसवीं के हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुरातत्व महत्व की अन्य चीजों के मिलने की संभावना है। जिसे देखते हुए खुदाई के लिए केंद्र सरकार और गढ़वाल विश्वविद्यालय को लिखा जाएगा।

कठुड के ग्राम प्रधान श्रवण थपलियाल और पूर्व प्रधान मेहरबान सिंह थपलियाल ने कहा कि क्षेत्र में भैरव नाथ का प्राचीन मंदिर है।
मंदिर के द्वार के निर्माण की खुदाई की जा रही थी ग्रामीणों द्वारा इसी मंदिर के पास भैरव नाथ के एक अन्य मंदिर के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने आपस में ढाई से तीन लाख रुपया इक्ठ्ठा कर इसका निर्माण कार्य शुरू किया। पूर्व ग्राम प्रधान मेहरबान सिंह थपलियाल ने बताया कि मंदिर के द्वार के निर्माण की खुदाई की जा रही थी।

खुदाई के दौरान लगभग एक मीटर गहराई में पत्थर के नीचे एक प्राचीन बर्तन में प्राचीन सिक्के रखे मिले। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी गढ़वाल मंडल आशीष कुमार ने कहा कि सिक्के दो प्रकार के हैं। चकोर सिक्के सल्तनत काल और गोल सिक्के मुगलकालीन हैं।
खुदाई में ग्रामीणों को 32 छोटे सिक्के और छह बड़े चौकोर सिक्के, 18 बड़े एवं 273 छोटे गोल सिक्के मिले हैं। सभी सिक्कों का वजन तीन किलो 785 ग्राम है। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने बताया कि सभी सिक्के चांदी के हैं।

पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम गांव पहुंची, लेकिन टीम के गांव पहुंचने से पहले ही ग्राम प्रधान श्रवण थपलियाल और पूर्व प्रधान मेहरबान थपलियाल कुछ ग्रामीणों के साथ इन सिक्कों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने डीएम सुशील कुमार से मिलकर उन्हें सिक्कों की जानकारी दी।खुदाई में मिले प्राचीन सिक्कों को पुरातत्व विभाग को सौंप दिया गया है। इस पर शोध करने के साथ ही क्षेत्र में अन्य पुरातत्व महत्व की चीजों की संभावना को देखते हुए खुदाई का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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