हल्द्वानी में लगेगा रॉकेट विज्ञान का रोमांच..
31 टीमें दिखाएंगी तकनीकी हुनर..
उत्तराखंड: हल्द्वानी में अंतरिक्ष विज्ञान और रॉकेट तकनीक में विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से हल्द्वानी में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की रॉकेट प्रतियोगिता आयोजित होने जा रही है। गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में 4 और 5 अक्टूबर को ‘आकाशयान स्पर्धा’ के तहत नेशनल रॉकेट कॉम्पटीशन होगा। प्रतियोगिता में देश के 15 राज्यों से 31 टीमें हिस्सा लेंगी। आयोजक संस्था Astroverse के अनुसार प्रतियोगिता में स्कूल और कॉलेज स्तर के करीब 1500 से अधिक छात्र शामिल होंगे। देशभर के लगभग 150 शिक्षण संस्थानों से विद्यार्थियों के पहुंचने की उम्मीद है। प्रतियोगिता के दौरान छात्र खुद तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के रॉकेट का प्रदर्शन करेंगे और अलग-अलग श्रेणियों में अपनी तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
छात्रों को मिलेगा प्रैक्टिकल अनुभव
आयोजकों का कहना है कि प्रतियोगिता का मकसद विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय प्रायोगिक अनुभव से जोड़ना है। रॉकेट निर्माण, एयरोस्पेस तकनीक और अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों के जरिए छात्रों को इस क्षेत्र की तकनीकी बारीकियों को समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान एक सैटेलाइट को करीब 40 किलोमीटर की ऊंचाई तक भेजने की योजना भी बताई गई है। आयोजकों के अनुसार इस गतिविधि के लिए डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से एयरस्पेस संबंधी आवश्यक NOC प्राप्त की गई है। कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियों को निर्धारित सुरक्षा और नियामकीय प्रावधानों के तहत संचालित किए जाने की बात कही गई है।
उत्तराखंड को एयरोस्पेस गतिविधियों का केंद्र बनाने की तैयारी
Astroverse की ओर से इस आयोजन को उत्तराखंड में अंतरिक्ष और एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए एक बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है। संस्था का लक्ष्य प्रदेश में ऐसा इकोसिस्टम विकसित करना है, जहां विद्यार्थियों और युवाओं को स्पेस टेक्नोलॉजी, रॉकेट साइंस और एयरोस्पेस से जुड़े प्रयोगों के अवसर मिल सकें।आयोजकों के मुताबिक इस तरह के कार्यक्रमों से उत्तराखंड के युवाओं को आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नए अवसरों से जुड़ने और अपनी क्षमताओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है। हालांकि उनका कार्यक्रम में शामिल होना आयोजन के समय उपलब्ध आधिकारिक कार्यक्रम पर निर्भर करेगा।