नर्सिंग अधिकारियों-फार्मासिस्टों को मिली राहत, बढ़ा मानदेय..
उत्तराखंड: हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल श्रीनगर में कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों, फार्मासिस्ट और अन्य संवर्गों के 277 कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों ने इस फैसले पर खुशी जताई है। कर्मचारियों का कहना है कि मानदेय में वृद्धि से उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ ही काम के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बेहतर प्रोत्साहन मिलने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।
कर्मचारियों ने जताया चिकित्सा शिक्षा मंत्री का आभार
मानदेय बढ़ाने के फैसले पर कर्मचारियों ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल का आभार जताया। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी ओर से मानदेय में वृद्धि की मांग उठाई जा रही थी। सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन की पहल से अब इस दिशा में राहत मिली है। कर्मचारियों ने चिकित्सा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत और वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा के प्रयासों की भी सराहना की। उनका कहना है कि अधिकारियों की पहल से कर्मचारियों की लंबित मांग को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया गया।नर्सिंग अधिकारी मोहर सिंह, विवेक त्यागी और जितेंद्र सिंह सहित फार्मासिस्ट सचिन फोदणी, सिद्धार्थ बगवाड़ी, त्रिलोक रावत और सोहन बर्तवाल ने मानदेय बढ़ाए जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने में नर्सिंग अधिकारियों, फार्मासिस्ट और अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में मानदेय में बढ़ोतरी से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।
आर्थिक राहत के साथ बढ़ेगा मनोबल
कर्मचारियों ने कहा कि मानदेय में वृद्धि उनके लिए सिर्फ आर्थिक राहत नहीं है, बल्कि इससे कार्यस्थल पर सम्मान और प्रोत्साहन की भावना भी मजबूत हुई है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और प्रदेश सरकार का आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में भी कर्मचारियों की अन्य समस्याओं और मांगों पर सकारात्मक विचार किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि बेहतर कार्य परिस्थितियों और प्रोत्साहन के साथ अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में सभी कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी से योगदान देते रहेंगे।