रुद्रप्रयाग में 30 मीटर गहरी खाई में गिरा व्यक्ति, SDRF ने रेस्क्यू कर बचाई जान..
उत्तराखंड: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) लगातार श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए जीवनरक्षक की भूमिका निभा रहा है। मंगलवार को रुद्रप्रयाग जनपद में SDRF ने दो अलग-अलग घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लोगों की जान बचाई। एक ओर जहां गहरी खाई में गिरकर घायल हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया, वहीं दूसरी ओर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रास्ता भटक गए चार युवकों को रातभर चले सर्च ऑपरेशन के बाद सकुशल खोज लिया गया।पहली घटना रुद्रप्रयाग पेट्रोल पंप के समीप हुई, जहां एक व्यक्ति अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण लगभग 30 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।
रेस्क्यू टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो देखा कि व्यक्ति खाई के नीचे घायल अवस्था में पड़ा हुआ है। क्षेत्र का भूभाग बेहद दुर्गम और ढलानदार था, जिससे राहत कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बावजूद प्रशिक्षित जवानों ने बिना समय गंवाए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।विशेष सुरक्षा उपकरणों और तकनीकी रेस्क्यू तकनीकों की मदद से जवान खाई में उतरे और घायल तक पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद उसे स्ट्रेचर पर सुरक्षित बांधकर ऊपर लाया गया। बाहर निकालने के बाद SDRF कर्मियों ने घायल को प्राथमिक उपचार दिया और आगे की चिकित्सा व्यवस्था के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया।घायल की पहचान सुखदेव सिंह भंडारी निवासी पाबौ, जनपद पौड़ी गढ़वाल के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
केदारनाथ यात्रा में शॉर्टकट पड़ा भारी
दूसरी घटना केदारनाथ पैदल मार्ग पर सामने आई, जहां चार युवा यात्री मुख्य मार्ग छोड़कर शॉर्टकट रास्ते से आगे बढ़ गए। अंधेरा होने के कारण वे रास्ता भटक गए और एक सुनसान इलाके में फंस गए। आसपास घना जंगल, खतरनाक ढलान और नदी का किनारा होने के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी।देर रात कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि चार युवक मुख्य ट्रैक से भटककर नदी के दूसरी ओर फंस गए हैं और सहायता के लिए आवाज लगा रहे हैं। सूचना मिलते ही SDRF पोस्ट लिनचोली से रेस्क्यू टीम तत्काल रवाना की गई।SDRF टीम ने सबसे पहले मोबाइल फोन के माध्यम से युवकों से संपर्क स्थापित किया। लगातार बातचीत के जरिए उन्हें हिम्मत बनाए रखने और सुरक्षित स्थान पर रुकने के लिए कहा गया। इसके बाद जवानों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया।
घना अंधेरा, सघन झाड़ियां और फिसलन भरे रास्ते अभियान में बड़ी चुनौती बने, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद SDRF जवान युवकों तक पहुंचने में सफल रहे और उन्हें सुरक्षित मुख्य पैदल मार्ग तक लेकर आए।रात्रि अधिक होने और आगे का रास्ता जोखिमपूर्ण होने के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षा की दृष्टि से लिनचोली में ही रुकवाया गया। राहत की बात यह रही कि चारों युवक पूरी तरह सुरक्षित मिले और किसी को कोई चोट नहीं आई।बचाए गए यात्रियों में साहिल कुमार, सुजीत कुमार और हिमांशु निवासी वैशाली (बिहार) तथा रूपेश निवासी अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। सभी युवक केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए थे और जल्द पहुंचने के प्रयास में मुख्य मार्ग छोड़कर वैकल्पिक रास्ते पर निकल गए थे।
घटना के बाद SDRF अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के शॉर्टकट या अनधिकृत रास्तों का प्रयोग न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।अधिकारियों ने कहा कि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित ट्रैक ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। यात्रियों को प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता के लिए हेल्पलाइन या सुरक्षा बलों से संपर्क करना चाहिए। चारधाम यात्रा सीजन के दौरान SDRF की लगातार सक्रियता और समय पर की गई कार्रवाई एक बार फिर कई जिंदगियों के लिए संजीवनी साबित हुई है।