उत्तराखंड

45 नए सहायक सहकारी निरीक्षकों की नियुक्ति, सहकारिता विभाग का ऑनलाइन पोर्टल शुरू..

45 नए सहायक सहकारी निरीक्षकों की नियुक्ति, सहकारिता विभाग का ऑनलाइन पोर्टल शुरू..

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार ने सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राज्य सहकारी संघ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 45 नव चयनित सहायक सहकारी निरीक्षकों (वर्ग-2) को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के निबंधक सहकारी समितियां कार्यालय के अत्याधुनिक ऑनलाइन पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी सोच के तहत नया ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिससे सहकारी समितियों से संबंधित विभिन्न सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, प्रक्रियाएं सरल होंगी और आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

उन्होंने कहा कि पोर्टल के माध्यम से सहकारी समितियों का पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड, शिकायत एवं सुझावों का निस्तारण, नामांकन सत्यापन, वार्षिक प्रतिवेदन, ऑडिट प्रबंधन, सदस्यता संबंधी जानकारी, दस्तावेज प्रबंधन तथा एमआईएस रिपोर्टिंग जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध रहेंगी। इससे विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नव नियुक्त सहायक सहकारी निरीक्षकों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि वे विकसित भारत के युवा प्रतिनिधि हैं और राज्य में सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि प्रत्येक ब्लॉक में सहकारिता नेटवर्क को सशक्त बनाने के साथ-साथ कम से कम एक बहुद्देशीय सहकारी समिति को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने का प्रयास करें।

डॉ. रावत ने कहा कि सरकार की योजना राज्य के प्रत्येक विकासखंड में एक आदर्श सहकारिता ग्राम स्थापित करने की है। उन्होंने विश्वास जताया कि नव नियुक्त अधिकारी अपने समर्पण, नवाचार और कार्यकुशलता के माध्यम से इस लक्ष्य को शीघ्र साकार करने में अहम योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में पहली नियुक्ति मिलने वाले युवाओं के लिए यह केवल नौकरी नहीं बल्कि विकास का अवसर भी है। यदि अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में नवाचार आधारित योजनाओं को लागू करें तो पहाड़ों के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा अधिकारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेंगे।

इस दौरान मंत्री ने विभाग की आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में 100 ऋण मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों के माध्यम से किसानों, काश्तकारों, युवाओं तथा स्वयं सहायता समूहों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कार्यक्रम में सहकारिता सचिव डॉ. इकबाल अहमद ने कहा कि सहकारिता विभाग आज ग्रामीण विकास और आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। विभाग की योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि नव नियुक्त अधिकारी सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। राज्य सरकार की यह पहल सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता, सुशासन और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

 

 

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