सेब उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा, उत्तराखंड में स्थापित होंगी नई नर्सरियां..
उत्तराखंड: प्रदेश सरकार ने बागवानी क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘अत्याधुनिक सेब नर्सरी विकास योजना 2026’ को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद अब राज्य में उच्च गुणवत्ता वाली सेब रोपण सामग्री के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर किस्म के प्रमाणित पौधे उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से राज्य में उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) आधारित सेब नर्सरियों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का विस्तार होगा और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। अब तक किसानों को बेहतर किस्म के सेब पौधों के लिए अन्य राज्यों या विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था। नई योजना लागू होने से पौध आयात की आवश्यकता में कमी आएगी। साथ ही बाहरी स्रोतों से आने वाले कीट एवं रोगों के संक्रमण का खतरा भी घटेगा, जिससे स्थानीय बागवानों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री मिल सकेगी।
इस पहल से विशेष रूप से पहाड़ी जिलों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। नर्सरी स्थापना, पौध उत्पादन, रखरखाव और विपणन से जुड़े कार्यों में स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा। इसके साथ ही औद्यानिक क्षेत्र में निजी निवेश को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है। योजना के तहत उच्च घनत्व वाली सेब नर्सरी स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। 10 एकड़ तक भूमि पर नर्सरी स्थापित करने वाले आवेदकों को 50 प्रतिशत तक की राज सहायता मिलेगी। 10 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर आवेदन करने वालों को 40 प्रतिशत तक की सहायता दी जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि यह योजना प्रदेश में सेब उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार लाएगी तथा राज्य को सेब उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।