उत्तराखंड

बद्री-केदार धाम में सख्ती, मंदिर परिसर के 70 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंध..

बद्री-केदार धाम में सख्ती, मंदिर परिसर के 70 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंध..

 

 

 

उत्तराखंड: आगामी चारधाम यात्रा को अधिक अनुशासित, सुरक्षित और आध्यात्मिक गरिमा के अनुरूप संचालित करने के लिए प्रशासन और बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने अहम निर्णय लिया है। इस बार बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम के मंदिर परिसर से 70 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस दायरे के भीतर श्रद्धालु न तो रील बना सकेंगे और न ही वीडियो या फोटोग्राफी कर पाएंगे। पिछले कुछ वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। बड़ी संख्या में लोग मंदिर के मुख्य द्वार और गर्भगृह के समीप सोशल मीडिया के लिए वीडियो और रील बनाते दिखाई देते हैं। इससे न केवल भीड़ प्रबंधन में बाधा आती है, बल्कि दर्शन की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। मंदिर समिति का मानना है कि धामों की पवित्रता और धार्मिक गरिमा बनाए रखना सर्वोपरि है।

मोबाइल प्रतिबंध का उद्देश्य किसी की आस्था या भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि दर्शन व्यवस्था को अधिक सरल, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। अधिकारियों के अनुसार कई बार श्रद्धालु वीडियो बनाने के चक्कर में कतार व्यवस्था को तोड़ देते हैं, जिससे अन्य यात्रियों को असुविधा होती है। ऐसे में यह कदम भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर समिति और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि 70 मीटर की निर्धारित परिधि में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी और स्पष्ट सूचना पट्ट लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को पहले से नियमों की जानकारी हो। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, आस्था और गरिमा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। धामों में दर्शन का अनुभव शांत, श्रद्धामय और अनुशासित बना रहे, यही प्रयास है।

यात्रा से पहले व्यवस्थाओं को अंतिम रूप..

चारधाम यात्रा प्रारंभ होने से पहले मंदिर समिति अपने सभी विश्राम गृहों और यात्री आवासों को पूरी तरह तैयार करने में जुटी है। साफ-सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं और सूचना केंद्रों को भी बेहतर बनाया जा रहा है। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चरणबद्ध तरीके से व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। शीघ्र ही मंदिर समिति की बोर्ड बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें यात्रा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, सुविधाओं के विस्तार और आवश्यक बजट प्रावधानों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यात्रा मार्गों पर समन्वित निगरानी व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध कराए जाने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नए नियमों का पालन करें और यात्रा को अनुशासित बनाए रखने में सहयोग दें। मोबाइल प्रतिबंध को यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा केदार और भगवान बदरीविशाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी व्यवधान के दिव्य और शांतिपूर्ण दर्शन कर सकें।

 

 

 

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