पंचांग पूजा के बाद तय हुई तिथि, 18 मई को खुलेंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के चमोली जनपद में स्थित विश्व प्रसिद्ध चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट इस वर्ष ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए 18 मई को विधिवत रूप से खोल दिए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना के अनुसार रोहिणी नक्षत्र में दोपहर 12 बजकर 57 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा शुक्रवार को गोपीनाथ मंदिर परिसर में परंपरागत विधि-विधान के साथ की गई। पपड़ियाणा गांव के आचार्य पंडित दिनेश चंद्र थपलियाल ने पंचांग पूजा संपन्न कर शुभ मुहूर्त की गणना की, जिसके बाद रुद्रनाथ मंदिर के कपाट खोलने का कार्यक्रम सार्वजनिक किया गया।
रुद्रनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी हरीश भट्ट ने कहा कि 15 मई को ज्येष्ठ संक्रांति के अवसर पर भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली को शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर के गर्भगृह से बाहर निकाला जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और डोली को पूरे दिन श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मंदिर परिसर में विराजमान रखा जाएगा। 16 मई को भी डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में ही रहेगी, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि 17 मई को सुबह आठ बजे पारंपरिक वाद्य यंत्रों और धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ उत्सव डोली ल्वींठी खर्क के लिए प्रस्थान करेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद 18 मई की सुबह डोली रुद्रनाथ मंदिर के लिए रवाना होगी। दोपहर लगभग 12 बजे डोली मंदिर परिसर पहुंचेगी और इसके बाद निर्धारित शुभ मुहूर्त में कपाटोद्घाटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
कपाट खुलने के साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित रुद्रनाथ मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना और दर्शन की व्यवस्था शुरू हो जाएगी। रुद्रनाथ यात्रा को पंचकेदार यात्राओं में सबसे कठिन लेकिन अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव के मुख स्वरूप को समर्पित है और समुद्र तल से लगभग 3600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कपाट खुलने की घोषणा के बाद से ही तीर्थयात्रियों और शिव भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय प्रशासन, मंदिर समिति और यात्रा से जुड़े विभागों द्वारा मार्गों की मरम्मत, पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वहीं स्थानीय ग्रामीणों को भी यात्रा सीजन से रोजगार की उम्मीद है। मान्यता है कि रुद्रनाथ में दर्शन करने से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। हर वर्ष देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर इस पावन धाम में भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कपाट खुलने के साथ ही एक बार फिर रुद्रनाथ घाटी “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठेगी।