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उत्तराखंड

सभी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी एवं निष्ठा से करें: मंगेश घिल्डियाल

रुद्रप्रयाग। जिले में विजय दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहीदों का स्मरण कर उन्हें श्रद्धांजलि एवं श्रद्धासुमन अर्पित किये गये। 10 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेन्ट्री रेजीमेंट रुद्रप्रयाग के प्रांगण में विजय दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों की स्मृति में 16 दिसम्बर को विजय दिवस मनाया जाता है।

कहा कि इस दिन शहीदों की भूमिका और राष्ट्रीय एकता का स्मरण करना है। उन्होंने कहा कि हम सब अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी एवं निष्ठा से करें, यही हमारी शहीदों के प्रति सच्ची श्र्रद्धांजलि होगी। उन्होंने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि यह दिन हमारे लिये प्रतीकात्मक है क्योंकि इस दिन हमने मुक्ति वाहनी सेना के साथ मिलकर पूर्वी बंगला देश को मुक्त कराया था।

समारोह में कमान अधिकारी 10 जैकलाई अजय ठाकुर ने 16 दिसम्बर को विजय दिवस के रूप में मनाये जाने के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच माह दिसम्बर,1971 में (पूर्व पाकिस्तान बंगलादेश) लडाई लडी थी। भारतीय फौज ने 14 दिनों के भीषण युद्ध के दौरान पाकिस्तानी फौज को परास्त किया। पूर्वी पाकिस्तान को पाकिस्तानी फौज के चुगल से मुक्त कराया, जो वर्तमान में बांग्लादेश के नाम से जाना जाता है। इस युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने अपने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। इस अभियान में बीर सैनिकों ने अपने प्राणों की आहुति दी।

भारतीय सेना के अदम्य साहस एवं वीरता के लिये पूरे देश के साथ-साथ उत्तराखण्ड राज्य में भी प्रत्येक वर्ष 16 दिसम्बर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल व कमान अधिकारी 10 जैकलाई ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में जिले के शहीद दरबान ंिसंह की धर्मपत्नी श्रीमती कांता देवी, शहीद कुन्दन सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती कमला देवी तथा शहीद गजपाल सिंह के आश्रित सोबन सिंह को शाॅल व रूम हीटर भेंट कर सम्मानित किया।

देशभक्ति पर आधारित नृत्य, गीत प्रतियोगिता में जनपद के विभिन्न स्कूलों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रतियोगिता में अनूप नेगी मेमोरियल पब्लिक स्कूल, जीआईसी रूद्रप्रयाग, क्रिएटिव पब्लिक स्कूल व जीजीआईसी रूद्रप्रयाग ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय व सात्वना स्थान प्राप्त करने पर जिलाधिकारी व सीओ जैकलाई ने पुरस्कार प्रदान किया। जीआईसी रूद्रप्रयाग के छात्र-छात्राओं द्वारा वंदना गीत की प्रस्तुत किया। जीआईसी रूद्रप्रयाग की कक्षा 12 की छात्रा परमेश्वरी बुटोला ने स्वरचित कविता शहीद बेटे की जुबान मा मत रोना प्रस्तुत की।

इस अवसर पर 1971के युद्ध की आडियो क्लिप सुनाई गई।कार्यक्रम का संचालन जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के सहायक अधिकारी सूवेदार रवीन्द्र सिंह रावत (अ.प्र.) द्वारा किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष राकेश नौटियल,प्रभारी अधिकरी डिप्टी कलेक्टर देवानन्द, जिला शिक्षाधिकारी लक्ष्मण सिंह दानू, सहित भूतपूर्व सैनिक ,जीआईसी, जीजीआईसी रूद्रप्रयाग के शिक्षक एवं शिक्षिकाये मौजदू थे।

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