भारत की संस्कृति और हिंदी भाषा के प्रति अन्य देशो के लोगो की बढ़ रही है लोकप्रियता
उत्तराखंड

भारत की संस्कृति और हिंदी भाषा के प्रति अन्य देशो के लोगो की बढ़ रही है लोकप्रियता…

भारत की संस्कृति और हिंदी भाषा के प्रति अन्य देशो के लोगो की बढ़ रही है लोकप्रियता

हिंदी दुनिया में दूसरी सबसे अधिक बोले जाने वाली भाषा ..

जर्मनी में कई जगहों पर हिंदी भाषा को लोग सीख रहे हैं..

संयुक्त राज्य अमेरिका में करीब 6,50,000 लोग यहां पर हिंदी बोलते हैं..

देश -विदेश : 14 सितंबर को हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हर साल हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी भले ही भारत की राजभाषा है, लेकिन भारत में ही आज ये पिछड़ती जा रही है। हिंदी दुनियाभर में बोली जाने वाली तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। हिंदी का अपना बहुत पुराना इतिहास रहा है। भारत में लगभग 4.25 करोड़ लोगों की पहली भाषा हिंदी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत के अलावा और भी कई देश हैं, जहां हिंदी बोली जाती है। आइए जानते हैं कि किन गैर हिंदी भाषी देशों में हिंदी बोली जाती है।

नेपाल से हमारे देश की सीमा लगती है। नेपाल में आपको बड़ी संख्या में हिंदी समझने और बोलने वाले लोग मिल जाएंगे। दूसरे नंबर पर नेपाल में हिंदी भाषा बोलने वाले लोग हैं। करीब 80 लाख नेपाली लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं। 2016 में वहां हिंदी को राष्ट्रीय भाषा के रूप में शामिल करने की मांग भी की जा चुकी है।

संयुक्त राज्य अमेरिका एक अंग्रेजी भाषी देश है। शायद आपको यकीन न हो, लेकिन वहां पर हिंदी भाषा बोलने वाले तीसरे नंबर पर सबसे ज्यादा लोग हैं। करीब 6,50,000 लोग यहां पर हिंदी बोलते हैं। लेकिन यहां पर ज्यादातर लोग हिंदी का प्रयोग अपने घर पर ही करते हैं। हिंदी बोलने वाले लोगों की संख्या में अप्रवासी भारतीय भी शामिल हैं।

जर्मनी में कई जगहों पर हिंदी भाषा को लोग सीख रहे हैं। कई दशकों से यहां हीडलबर्ग, लीपजिग और बॉन सहित विश्वविद्यालयों और शहरों में हिंदी और संस्कृत भाषा को पढ़ाया जाता है। मॉरीशस में अंग्रेजी और फ्रेंच संसद की आधिकारिक भाषा हैं। लेकिन यहां पर एक तिहाई लोग हिंदी भाषा बोलते हैं।

इंटरनेट युग में हिन्दी का तेजी से विकास हुआ है और भारत के अलावा विश्व भर के 40 से अधिक देशों में 600 से अधिक विद्यालयों/महाविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई और सिखाई जाती है हिन्दी आज विश्व स्तरीय भाषा बनती जा रही है और यही कारण है कि हिन्दी के पक्ष में एक बड़ा वर्ग और बाजार खड़ा हुआ है। हिन्दी के प्रति लेखकों प्रकाशकों और पाठकों का झुकाव निरन्तर बढ़ रहा है हिन्दी सिर्फ भारत में ही नहीं बोली जाती बल्कि विदेशों- गुयाना, सूरीनाम, त्रिनीनाद, फिजी, मॉरिशस, दक्षिण अफ़्रीका और सिंगापुर में भी यह अधिकांश लोगों की बोलचाल का भाषा है। जर्मन के स्कूलों में तो हिन्दी पढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय ने जर्मन सरकार से समझौता किया है और वहाँ पर जर्मन हिन्दी रेडियो सेवा संचालित है।

भारत के अलावा इन देशों में भी बोली जाती है हिन्दी, फिजी की है ऑफिशियल भाषा भारत में हिन्दी को लेकर सबके अलग-अलग विचार है लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि भारत में ज्यादातर हिन्दी भाषी लोग रहते हैं। दुनिया में हिन्दी भाषा को भारत से जोड़कर ही देखा जाता है। आज हिन्दी प्रसार-प्रचार के लिए बहुत जोर दिया जा रहा है। सोशल मीडिया के आने से हिन्दी को एक नई पहचान मिली है। अब युवा भी हिन्दी में अपनी बात रखने लगे हैं। आज ‘हिन्दी दिवस’ पर हम आपको भारत के अलावा ऐसे देशों के बारे में बताएंगे, जहां हिन्दी बोली जाती है।

भारत के अलावा इसे नेपाल, मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, यूगांडा, दक्षिण अफ्रीका, कैरिबियन देशों, ट्रिनिडाड एवं टोबेगो और कनाडा आदि में बोलने वालों की अच्छी-खासी संख्या है। इसके आलावा इंग्लैंड, अमेरिका, मध्य एशिया में भी इसे बोलने और समझने वाले अच्छे-खासे लोग हैं।

इसे देखते हुए हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा बनाने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। वैसे यूनेस्को की सात भाषाओं में हिन्दी पहले से ही शामिल है।

वैश्वीकरण और भारत के बढ़ते रूतबे के साथ पिछले कुछ सालों में हिन्दी के प्रति विश्व के लोगों की रूचि खासी बढ़ी है। देश का दूसरे देशों के साथ बढ़ता व्यापार भी इसका एक कारण है।हिन्दी के प्रति दुनिया की बढ़ती चाहत का एक नमूना यही है कि आज विश्व के लगभग डेढ़ सौ विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ी और पढ़ाई जा रही है। विभिन्न देशों के 91 विश्वविद्यालयों में ‘हिन्दी चेयर’ है।

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