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उत्तराखंड

गैरसैंण सत्र के पहले दिन सदन में श्रद्धांजलि..

गैरसैंण सत्र के पहले दिन सदन में श्रद्धांजलि..

बाहर प्रदर्शन और नारेबाजी से माहौल गरम..

 

 

उत्तराखंड: चमोली जिले के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में दो दिवसीय विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई है। सत्र के पहले दिन सदन में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों नेताओं के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को प्रदेश के लिए बड़ी क्षति बताया।

सीएम धामी ने याद किया दोनों नेताओं का योगदान
सीएम धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि वह समय के पाबंद और अनुशासनप्रिय थे। उनका निधन राज्य और देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने उन्हें आम जनता से जुड़ा नेता बताया। उन्होंने कहा कि बिष्ट लोगों की समस्याओं को समझते थे और उन्होंने अपना जीवन जनसेवा के लिए समर्पित किया। श्रमिकों के प्रति उनका विशेष लगाव था। राज्य आंदोलन से लेकर उत्तराखंड के विकास तक उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सर्वांगीण विकास पर केंद्रित होगा बजट
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखीं। उन्होंने कहा कि बजट में उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। इसमें कुछ नई योजनाओं को भी जगह दी गई है। सीएम के अनुसार, सरकार नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही पहले से संचालित योजनाओं को गति देने पर काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष के रवैये पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसे सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सदन की कार्यवाही में भाग लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा और आवश्यक कार्य विधानसभा के भीतर ही होने चाहिए।

दिवालीखाल में प्रधान संघ का प्रदर्शन
विधानसभा सत्र के बीच दिवालीखाल में प्रधान संघ के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बस में बैठाकर वहां से हटाया। इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हलचल बनी रही। इसी बीच दुगथम्बा बैरियर पर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के युवा कार्यकर्ता भी पहुंचे। उन्होंने पहाड़ से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’ के नारे लगाए और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग का समर्थन किया। भराड़ीसैंण में सदन की कार्यवाही और बाहर जारी प्रदर्शनों के बीच विधानसभा सत्र के दौरान राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं।

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