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उत्तराखंड

उत्तराखंड के दो दर्जन सरकारी कॉलेजों को मिलेंगे स्थायी प्राचार्य, जल्द होगी पदोन्नति..

उत्तराखंड के दो दर्जन सरकारी कॉलेजों को मिलेंगे स्थायी प्राचार्य, जल्द होगी पदोन्नति..

 

 

 

 

 

उत्तराखंड: उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्राचार्यों के पदों को भरने की कवायद तेज हो गई है। उच्च शिक्षा विभाग पदोन्नति के माध्यम से इन पदों पर नियुक्ति की तैयारी कर रहा है। इसके लिए विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को डीपीसी से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने बताया कि प्रदेश के करीब दो दर्जन राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के पद रिक्त हैं। इन पदों पर पदोन्नति होने से कॉलेजों में प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने उच्च शिक्षा निदेशालय को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में कॉलेजों के छात्रावासों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। हॉस्टलों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार नहीं होने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर एसओपी तैयार करने को कहा, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और छात्रावासों का संचालन व्यवस्थित ढंग से हो।

निर्माण कार्यों के लिए प्राथमिकता से जारी होगा बजट
प्रदेश के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। इसके लिए बेतालघाट, पोखड़ा, हल्द्वानी, देहरादून और बेरीनाग स्थित राजकीय महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों के लिए प्राथमिकता के आधार पर धनराशि जारी करने के निर्देश दिए गए। अन्य निर्माण परियोजनाओं के लिए भी बजट उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के रिक्त पदों को लेकर भी विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर दिया है। मंत्री ने कहा कि नियमित नियुक्तियां होने तक आउटसोर्सिंग और संविदा के माध्यम से कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए, ताकि कॉलेजों में पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

इसके साथ ही कॉलेजों में प्रवेश सहित अन्य प्रक्रियाओं के लिए इस्तेमाल किए जा रहे समर्थ पोर्टल में आ रही तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर करने के निर्देश भी दिए गए। विभाग का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को सुचारू बनाने के साथ ही कॉलेजों के दैनिक कामकाज में आ रही बाधाओं को दूर करना है। समीक्षा बैठक में अपर सचिव मुनज गोयल, संयुक्त सचिव प्रदीप नौटियाल, प्रभारी निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. ए.एस. उनियाल, उप सचिव दीपक कुमार, उप निदेशक डॉ. ममता नैथाणी और रूसा की नोडल अधिकारी डॉ. अनीता रावत समेत विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

 

 

 

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